Sunday, June 9, 2019

समाज में अपराध की तेजी से बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय है। नितान्त स्वार्थी, रूग्ण मन व असंवेदनशील हृदय का व्यक्ति ही घोर आपराधिक कार्यों को अंजाम देता है।अपराधियों की आये दिन बढ़ती दुस्साहसिक घटनाएं न केवल समाज अपितु सरकार के लिये भी विमर्श का मुद्दा होना चाहिए।मुझे ऐसा लगता है कि मौजूदा पुलिस तंत्र स्वतंत्र व आक्रामक तरीके से काम कर पाने में स्वयं को अक्षम पा रहा है।अलीगढ़ में मासूम के साथ वहशीपन नें मानवता को तार-तार तो किया ही है।आये दिन निर्दोष लोगों के संग हो रही आपराधिक घटनाएं प्रदेश सरकार की कानून और व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह उठाती हैं।

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